सामग्री: क्रियाएँ और लाभ
जयं (क्रोटन बीज) के अंदर तेलीय अणु होते हैं जो आँतों की दीवार को हल्का-से जागरित करते हैं। इससे पानी अधिक आ जाता है और पेरिस्टालिसिस (आँतों की मांसपेशी संकुचन) तेज़ होती है। इस कारण मल सहज रूप से बाहर आता है।
शुंठी (अदरक) में जिंजरोल और शोगोल जैसे यौगिक होते हैं। ये सूजन को कम करते हैं, एंटी-ऑक्सीडेंट के रूप में आँतों को रक्षा करते हैं और अत्यधिक जलन को संतुलित रखते हैं।
जब दोनों को पानी में पीस-मिश्रित करके पेस्ट बनाया जाता है और फिर टैबलेट रूप में ढाला जाता है, तो जयं की तेज़ जलन शुंठी के शांत प्रभाव से संतुलित होती है। इसलिए दवा पेट के लिए सुरक्षित रहती है।
आधुनिक वैज्ञानिक व्याख्या
परीक्षण में पाया गया है कि क्रोटन बीज का तेल आँतों में सेक्रेशन और पेरिस्टालिसिस को उत्तेजित करता है। अदरक के घटक इन्फ्लेमेशन को कम करते हैं और गैस्ट्रिक मोटिलिटी को बढ़ाते हैं। दोनों मिलकर 'क्लीन बॉवेल' इफ़ेक्ट देते हैं, बिना तीव्र साइड-इफ़ेक्ट के।
ये सामग्रियां क्या करती हैं
- आँतों की सफ़ाई – टॉक्सिन्स को बाहर निकालना।
- कब्ज़ में राहत – नियमित और सहज मूवमेंट।
- पाचन का संतुलन – जलन को कम करना और आँतों की स्वस्थ स्थिति बनाए रखना।
