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आयुर्वेदिक औषधि

प्रवाल पिष्टि

संदर्भ: आयुर्वेदिक फार्मुलरी ऑफ इंडिया, भाग-II

पिस्टि एक पारम्परिक आयुर्वेदिक खनिज दवा है। यह भस्म जैसी दवाओं से अलग है—इसे बहुत अधिक ताप पर नहीं, बल्कि गुलाब-जल जैसी तरल के साथ बारी-बारी पीस-कर (लेविगेशन) बनाया जाता है। इस विधि को आयुर्वेदिक फार्मुलरी ऑफ इंडिया में बताया गया है। दवा को प्रयोग से पहले शुद्ध (शोधित) करना अनिवार्य है। पिस्टि बहुत महीन पाउडर होने के कारण इसे सूखे, ठंडे और धूप-रहित बर्तन में, ढक्कन बंद रखकर संग्रहीत करना चाहिए, ताकि इसकी ताकत और सुरक्षा बनी रहे।

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उपयोग और लाभ

  • हृद्रोग (दिल की बीमारी) : दिल के मांसपेशियों को आराम देता, ताकत बढ़ाता है।
  • मनस्य (तनाव-और-चिंता) : पित्त की गर्मी कम कर, मन को शान्त करता है।
  • रक्तचापा (उच्च रक्त-दाब) : रक्त-संचार को ठंडा करके दबाव घटाता है।
  • पैत्तिक विकार (एसिड रिफ्लक्स, आँती-का-अतिरिक्त तेज़ी) : पेट की गर्मी को शांत करता, एसिड कम करता है।
  • अनिद्रा (नींद न आना) : शरीर की गर्मी घटाकर आराम-दायक नींद लाता है।

मुख्य सामग्री

  • प्रवल (कोरल) — कैल्शियम-कार्बोनेट का स्रोत, पित्त-शामक, दिल-और-मन को ठंडा करता है (1 भाग)
  • गुलाब जल — ठंडक देता है, पिसे हुए कोरल को मिलाता है, शरीर को शांत रखता है (1 भाग)

खुराक और अनुपान

सुझाई गई खुराक: 125 mg – 500 mg प्रतिदिन, शहद या साफ़ पानी के साथ। डॉक्टर की सलाह से ही खुराक तय करें।

भंडारण: ढक्कन बंद कांच या एल्युमीनियम की बोतल में ठंडी, सूखी जगह पर रखें। नमी और धूप से बचाएँ।

सामग्री: क्रियाएँ और लाभ

पिस्टि शुद्ध कोरल (प्रवल) को गुलाब जल में पीस कर बनायी़ जाती है। आयुर्वेद में कोरल को पित्त-शामक कहा जाता है—यह शरीर में अतिरिक्त पित्तीय गर्मी को कम करता है। साथ में गुलाब जल की ठंडक मिलाकर दिल-और-मन को शांत करता है, तथा रसायन के रूप में शरीर की विभिन्न टिश्यू को पोषण देता है।

आधुनिक वैज्ञानिक व्याख्या

हाल के छोटे-मोटे शोध में पाया गया है कि पिस्टि में मुख्यतः कैल्शियम-कार्बोनेट मौजूद है, जो:

  • कोलेस्ट्रॉल स्तर को संतुलित रखने में मदद कर सकता है।
  • घुटनों के दर्द को कम कर, जोड़-स्वस्थ्य में सहायक हो सकता है।
  • हल्के-से सूजन-कम प्रभाव दिखाता है।
  • पित्त-मुख्य व्यक्तियों में तनाव के लक्षण घटा सकता है।

ध्यान दें: ये परिणाम प्रारम्भिक हैं और किसी रोग का पूर्ण इलाज नहीं कहते।

पिस्टि कैसे मदद करती है

एक साथ, ये सामग्रियां निम्नलिखित में सहायता करती हैं:

  • दिल-का-संतुलन : कोरल की शीतलता और गुलाब जल की कोमलता मिलकर दिल की धड़कन को स्थिर रखती है।
  • मन-का-शांतिपूर्ण : पित्त-की-अधिकता घटाकर मन की बेचैनी को दूर करती है।
  • हड्डियों-की-मजबूती : कैल्शियम-कार्बोनेट हड्डियों को मजबूत बनाता है, खासकर बुजुर्गों में।

चिकित्सा समीक्षक

Syed Aman Hussain

Reviewed By

Syed Aman Hussain

BAMS, MD

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