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आयुर्वेदिक औषधि

नयनामृताञ्जन

संदर्भ: शार्ङ्गधरसंहिता, उत्तरखण्ड, अध्याय १३:११९-१२०

नयनामृताञ्जन एक शुद्ध आयुर्वेदिक आँख-पेस्ट (अञ्जना) है, जो केवल बाहरी उपयोग के लिए बनाई जाती है। इसमें शुद्ध सीसा, शुद्ध पारा, कृष्णाञ्जन (काला एंटीमनी) और कपूर मिलाकर बहुत बारीक पाउडर तैयार किया जाता है, फिर मधु या पानी में घोलकर आँख की पलक के किनारे पर लगाया जाता है। यह पेस्ट आँख को आराम देने, लालिमा घटाने और आँखों की सेहत बनाए रखने में मदद करती है।

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उपयोग और लाभ

सामान्य आँख-देखभाल: आँखों को आराम देने और स्वस्थ रखने में मदद करती है।

आँख-थकान: पढ़ाई या स्क्रीन कार्य के बाद आँखों की थकान और जलन को कम करती है।

हल्की लालिमा: आँखों की अस्थायी लालिमा और जलन को कम करने में मदद करती है।

मुख्य सामग्री

  • शुद्ध नाग (सीसा) – १० भाग
  • शुद्ध पारद (पारा) – १० भाग
  • कृष्णाञ्जन (काला एंटीमनी) – २० भाग
  • करपुरा (कपूर) – ४ भाग

खुराक और अनुपान

मात्रा: पेस्ट की छोटी मात्रा (१-२ बूँद) को शुद्ध मधु या साफ पानी में मिलाकर स्वच्छ नेत्र-गुंडली से पलक के किनारे पर लगाएँ।

आवृत्ति: दिन में १-२ बार, आयुर्वेदिक चिकित्सक के निर्देशानुसार।

भंडारण: एयरटाइट काँच के जार में ठंडी और सूखी जगह पर रखें।

सामग्री: क्रियाएँ और लाभ

शुद्ध नाग (सीसा) – आयुर्वेद के अनुसार शुद्ध सीसा एक शीतलक के रूप में कार्य करता है, जो पलक के किनारे की अत्यधिक गर्मी को कम करता है और आँख की नमी को बनाए रखने में मदद करता है।

शुद्ध पारद (पारा) – शुद्ध पारा आँख की सतह को चिकना बनाए रखने में मदद करता है, जिससे आँखों में नमी बनी रहती है।

कृष्णाञ्जन (काला एंटीमनी) – यह एक सफाई एजेंट के रूप में कार्य करता है, जो आँख की सतह से छोटी-छोटी गंदगी और जलन पैदा करने वाले कणों को हटाता है।

करपुरा (कपूर) – कपूर ठंडक प्रदान करता है और आँखों में जलन या लालिमा को कम करने में मदद करता है।

आधुनिक वैज्ञानिक व्याख्या

शुद्ध सीसा और पारा को कई बार शोधन प्रक्रिया से गुजारा जाता है, जिससे मुक्त धातु कणों की मात्रा कम हो जाती है। इसके बाद ये सूक्ष्म कण बाहरी उपयोग में हल्के संकुचन प्रभाव प्रदान करते हैं।

काला एंटीमनी में सिल्वर-नाइट्रेट जैसे घटक होते हैं, जो सूक्ष्म बायो-फिल्म को तोड़कर सतह की सफाई में सहायक होते हैं।

कपूर में मौजूद कैम्पेन और बॉर्नियोन जैसे यौगिक ठंडक-संवेदक रिसेप्टर्स को सक्रिय करते हैं, जिससे ठंडक का अनुभव होता है।

यह पेस्ट क्या-क्या करती है

  • आँख की सतह को साफ रखती है (कृष्णाञ्जन)
  • अधिक गर्मी और जलन को कम करती है (करपुरा, शुद्ध नाग)
  • आँख की नमी बनाए रखती है (शुद्ध पारद)
  • पलक-सीमा को हल्का संकुचित करती है (शुद्ध नाग-पारद की एस्ट्रिंजेंट शक्ति)

चिकित्सा समीक्षक

Syed Aman Hussain

Reviewed By

Syed Aman Hussain

BAMS, MD

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