बोलादि वटी एक शास्त्रोक्त आयुर्वेदिक औषधि है जो मुख्यतः महिलाओं के मासिक धर्म संबंधी विकारों के उपचार में उपयोग की जाती है। यह वटी रक्त को शुद्ध करने, चक्र को नियमित करने और दर्द को कम करने में सहायक है।
आयुर्वेद में बोलादि वटी का उल्लेख स्त्री रोग चिकित्सा के संदर्भ में मिलता है। इसके घटक द्रव्य : हिराबोल, शुद्ध सुहागा, कसीसा, हिंगु, एलुवां, और जटामांसी क्वाथ , मिलकर गर्भाशय को बल देते हैं, रक्तस्राव को संतुलित करते हैं और दर्द को शांत करते हैं।
यह औषधि विशेष रूप से आर्तवदोष (मासिक धर्म की अनियमितता) और कष्टार्तव (दर्दनाक माहवारी) में प्रभावी मानी जाती है। इसे केवल मासिक धर्म के दूसरे आधे भाग में लेने की सलाह दी जाती है।
किसी भी आयुर्वेदिक औषधि का उपयोग करने से पूर्व योग्य वैद्य से परामर्श अवश्य लें।

