औषधियों पर वापस जाएं
आयुर्वेदिक औषधि

अवेला (लेहा या पाका)

संदर्भ: चरक संहिता, भैषज्य रत्नावली

अवेला, जिसे लेहा या पाका भी कहा जाता है, एक पारंपरिक आयुर्वेदिक जड़ी-बूटी जैम है। इसे जड़ी-बूटी की काढ़ या ताज़ा रस को उबालकर चीनी या गुड़, घी, शहद और बारीक जड़ी-बूटी पाउडर मिलाकर बनाया जाता है। यह पेस्ट जैसा मिश्रण चाटकर लिया जाता है। यह रसायन (Rasayana) कहलाता है, जिसका अर्थ है कि यह शरीर को नवीकरण करने में मदद करता है। यह प्रतिरक्षा, शक्ति, पाचन और समग्र ऊर्जा को बढ़ाता है। क्योंकि इसमें खाद्य-स्तर के पोषक तत्व होते हैं, इसे आयुर्वेदिक न्यूट्रास्यूटिकल कहा जाता है। ठंडी और सूखी जगह पर संरक्षित रखने पर यह लगभग एक साल तक चलता है।

जल्द आ रहा है

उपयोग और लाभ

  • कम प्रतिरक्षा (रसायन) – शरीर की प्राकृतिक रक्षा शक्ति को बढ़ाता है, रोगों से बचाव करता है और उम्र बढ़ाने में मदद करता है।
  • सामान्य कमजोरी और दुर्बलता (बाल्य) – पोषक तत्वों से भरपूर टॉनिक के रूप में कार्य करता है, बीमारी या थकान के बाद ऊर्जा को पुनर्स्थापित करता है।
  • पाचन और मेटाबॉलिज्म सपोर्ट (अग्नि) – पाचन को बेहतर बनाता है और मेटाबॉलिज्म को संतुलित रखता है।
  • गंभीर सूजन (शोथ) – एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-इंफ्लेमेटरी प्रभाव प्रदान करता है, कोशिकाओं को ऑक्सीडेटिव तनाव से बचाता है।

मुख्य सामग्री

  • जड़ी-बूटी की काढ़ा या रस – अमला, अश्वगंधा या हरितकी जैसे जड़ी-बूटियों के अर्क (1 भाग)।
  • मिठास देने वाले तत्व – गुड़ या चीनी, जो जैम को उसका टेक्सचर और ऊर्जा प्रदान करते हैं।
  • घी – वसा में घुलनशील सक्रिय तत्वों को ले जाने और पोषण बढ़ाने के लिए।
  • शहद – स्वाद को बेहतर बनाता है, जैम को संरक्षित रखने में मदद करता है और अवशोषण को बढ़ाता है।
  • सुगंधित पाउडर – अतिरिक्त चिकित्सीय प्रभाव और स्वाद के लिए बारीक जड़ी-बूटी पाउडर।

खुराक और अनुपान

मात्रा: वयस्कों के लिए 5 ग्राम से 10 ग्राम, दिन में एक या दो बार।

अनुपान: परंपरागत रूप से सीधे चाटकर लिया जाता है; चाहें तो गुनगुने दूध या पानी के साथ ले सकते हैं।

भंडारण: कसकर बंद कंटेनर में, ठंडी और सूखी जगह पर रखें। तैयारी के एक साल के भीतर उपयोग करें।

चेतावनी: क्योंकि अवेला में चीनी या गुड़ होता है, मधुमेह के रोगियों को इसका उपयोग करने से पहले आयुर्वेदिक चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए।

सामग्री: क्रियाएँ और लाभ

अवेला में शामिल प्रमुख सामग्रियों के लाभ:

  • विदंगा – पेट की परत को ठंडक और आराम देता है।
  • हरितकी – हल्के पाचन और कायाकल्प में सहायक।
  • आमला – विटामिन सी से भरपूर, प्राकृतिक रक्षा तंत्र को मजबूत करता है।
  • अश्वगंधा – शक्ति को पुनर्स्थापित करता है और तनाव को संतुलित करता है।
  • घी और शहद – जड़ी-बूटियों के सक्रिय तत्वों को शरीर में गहराई तक ले जाते हैं और स्वाद को बेहतर बनाते हैं।

आधुनिक वैज्ञानिक व्याख्या

अवेला में पॉलीफेनॉल्स, फ्लेवोनॉइड्स और टैनिन्स जैसे यौगिक पाए जाते हैं। ये एंटीऑक्सीडेंट के रूप में कार्य करके कोशिकाओं को नुकसान से बचाते हैं और सूजन को कम करते हैं। घी में मौजूद वसा और शहद में शर्करा शरीर को इन सक्रिय तत्वों को बेहतर तरीके से अवशोषित करने में मदद करती है। यह आधुनिक विज्ञान भी अवेला को एक प्रभावी न्यूट्रास्यूटिकल के रूप में मान्यता देता है।

सामग्रियों का संयुक्त प्रभाव

इन सामग्रियों का संयोजन एक स्थिर मिश्रण बनाता है जो सक्रिय तत्वों की रक्षा करता है और शेल्फ लाइफ को बढ़ाता है। यह मिश्रण समग्र जीवन शक्ति, स्वस्थ प्रतिरक्षा कार्य, आरामदायक पाचन और संतुलित मेटाबॉलिज्म को समर्थन देता है।

चिकित्सा समीक्षक

Syed Aman Hussain

Reviewed By

Syed Aman Hussain

BAMS, MD

View Profile →
परामर्श बुक करें