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आयुर्वेदिक औषधि

अश्वगंधा चूर्ण

संदर्भ: चरक संहिता, चिकित्सास्थान 1.3; अष्टांग हृदय, सूत्रस्थान 6.16-18

अश्वगंधा चूर्ण एक प्रसिद्ध आयुर्वेदिक औषधि है, जो अश्वगंधा (Withania somnifera) की जड़ से तैयार किया जाता है। यह रसायन और बल्य गुणों से भरपूर होता है, जो शरीर को शक्ति प्रदान करता है और मानसिक तनाव को कम करता है।

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उपयोग और लाभ

मानसिक तनाव, चिंता, अनिद्रा, शारीरिक कमजोरी, थकान, प्रतिरक्षा में कमी, याददाश्त की कमजोरी, और वात दोष के विकारों में उपयोगी।

मुख्य सामग्री

अश्वगंधा (Withania somnifera) की जड़ का चूर्ण।

खुराक और अनुपान

मात्रा: 3 से 6 ग्राम चूर्ण, दिन में एक या दो बार, गुनगुने दूध या पानी के साथ।

बच्चों के लिए: 1 से 2 ग्राम चूर्ण, चिकित्सक की सलाह अनुसार।

आयुर्वेदिक गुण और कर्म

अश्वगंधा चूर्ण में रसायन (कायाकल्प), बल्य (शक्ति वर्धक), वाजीकरण (कामोद्दीपक), और मेद्य (मस्तिष्क को बल देने वाला) गुण पाए जाते हैं। यह वात और कपha दोषों को संतुलित करता है तथा पित्त को शांत करता है।

स्वास्थ्य लाभ

अश्वगंधा चूर्ण के नियमित सेवन से निम्नलिखित लाभ होते हैं:

  • तनाव और चिंता को कम करता है।
  • शारीरिक और मानसिक थकान दूर करता है।
  • प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाता है।
  • याददाश्त और एकाग्रता में सुधार करता है।
  • शारीरिक शक्ति और सहनशक्ति बढ़ाता है।

उपयोग विधि

अश्वगंधा चूर्ण को गुनगुने दूध, पानी या शहद के साथ लिया जा सकता है। इसे भोजन के बाद या चिकित्सक के निर्देशानुसार सेवन करना चाहिए।

चिकित्सा समीक्षक

Syed Aman Hussain

Reviewed By

Syed Aman Hussain

BAMS, MD

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