सामग्री: क्रियाएँ और लाभ
अकीका (अगीट पत्थर) – शीतल खनिज, छाती, पेट तथा मन में जलन-भाव को कम करता है।
कुमारी (एलोवेरा रस) – पेट-आँत के अस्तर को नम रखता है, गर्मी-संबंधी असहजता घटाता है।
केतकी (पेंडनस फूल-जल) – पित्त को संतुलित करता है, पेशाब में आसानी लाता है।
जालापिप्पलिका (लंबी मिर्च का पानी) – अन्य घटकों को अच्छी तरह मिलाता है, अवशोषण बढ़ाता है, बिना गर्मी पैदा किए।
रम्भा (केले का रस) – मिठास व पोषक तत्व देता है, वात-स्थिति को शांत करता है, श्लैष्मिक सतह को गीला रखता है।
आधुनिक वैज्ञानिक व्याख्या
अगीट पाउडर: अभी तक गंभीर शोध नहीं है, पर खनिज पाउडर एंटीऑक्सीडेंट के रूप में काम कर सकते हैं, जो कोशिकाओं को क्षति से बचाते हैं।
एलोवेरा: कई अध्ययन दिखाते हैं कि यह पेट की दीवार को सुरक्षा देता है और अम्लीय स्राव को कम करता है।
ये सभी चीज़ें मिलकर क्या करती हैं?
- अतिपित ताप को शांत करना – छाती, पेट या पेशाब में जलन को कम करता है।
- पाच्य मार्ग की सुरक्षा – पेट के अस्तर को नम रखकर एसिडिटी घटाता है।
- मानसिक शान्ति – पित्त-प्रकार की चिड़चिड़ाहट व सिरदर्द को घटाता है।
- मूत्र संबंधी आराम – हल्की पेशाब-पीड़ा में राहत देता है।
