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आयुर्वेदिक औषधि

अकीका पिष्टि

संदर्भ: रसरत्नसमुच्चय, रसरत्नाकर; सिद्धयोगसंग्रह, पिष्टि परिभाषा खंड १३; रसोद्धारतंत्र, भस्म पिष्टि प्रकाशन १४:१

अकीका पिष्टि एक आयुर्वेदिक खनिज पाउडर है, जिसमें मुख्य घटक अगीट पत्थर को एलोवेरा, केले (प्लांटेन) और कुछ जड़ी-बूटियों के रस से मिलाकर धूप में सुखाया जाता है। इस तैयार-प्रक्रिया में आग नहीं लगती, इसलिए यह सामान्य भस्म से अलग है। यह ठंडा (शीतल) प्रभाव देता है और शरीर की अतिरिक्त पित्त (उष्णता) को शांत करता है।

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उपयोग और लाभ

  • हार्टबर्न / एसिड रिफ्लक्स (अम्लपित्त) – पेट में जलन घटाने के लिये।
  • हृदय-सहायता (हृद्रोग) – हृदय को सुदृढ़ करने के लिये।
  • खाँसी व श्वसन स्वास्थ्य (कासा) – कफ और खाँसी में राहत।
  • सिरदर्द व मानसिक शान्ति (शिरोरोग) – पित्त-प्रकार सिरदर्द, चिड़चिड़ापन।
  • पाचन सहायता (पित्त रोग) – भूख कम होना, पेट में जलन।

मुख्य सामग्री

  • अकीका (अगीट पत्थर) – मुख्य खनिज, बारीक पाउडर में पीसा जाता है।
  • कुमारी (एलोवेरा का रस) – ठंडक और शान्ति देता है।
  • केतकी (पेंडनस का फूल-जल) – पित्त को संतुलित करने में मदद करता है।
  • जालापिप्पलिका (लंबी मिर्च का पानी) – पाचन एवं अवशोषण को बढ़ाता है।
  • रम्भा (केले/प्लांटेन का रस) – पोषण देता है, शरीर को नम रखता है।

खुराक और अनुपान

खुराक: 125 मि.ग्रा – 250 मि.ग्रा, दिन में 1-2 बार। पित्त-समस्या में शहद के साथ, वात-समस्या में अश्वगंधा पाउडर/काढ़ा के साथ, खाँसी/हृदय/सिरदर्द में ताज़ा अदरक रस के साथ लें।

भंडारण: ठंडे, सूखे स्थान पर कांच की बोतल में रखें।

सावधानी: धातु के पेस्ट्री/मोरटार में पाउडर न बनायें। खनिज-आधारित होने के कारण केवल योग्य चिकित्सक की देखरेख में ही लें।

सामग्री: क्रियाएँ और लाभ

अकीका (अगीट पत्थर) – शीतल खनिज, छाती, पेट तथा मन में जलन-भाव को कम करता है।

कुमारी (एलोवेरा रस) – पेट-आँत के अस्तर को नम रखता है, गर्मी-संबंधी असहजता घटाता है।

केतकी (पेंडनस फूल-जल) – पित्त को संतुलित करता है, पेशाब में आसानी लाता है।

जालापिप्पलिका (लंबी मिर्च का पानी) – अन्य घटकों को अच्छी तरह मिलाता है, अवशोषण बढ़ाता है, बिना गर्मी पैदा किए।

रम्भा (केले का रस) – मिठास व पोषक तत्व देता है, वात-स्थिति को शांत करता है, श्लैष्मिक सतह को गीला रखता है।

आधुनिक वैज्ञानिक व्याख्या

अगीट पाउडर: अभी तक गंभीर वैज्ञानिक शोध नहीं है, पर खनिज पाउडर एंटीऑक्सीडेंट के रूप में काम कर सकते हैं, जो कोशिकाओं को क्षति से बचाते हैं। एलोवेरा: कई अध्ययन दिखाते हैं कि यह पेट की दीवार को सुरक्षा देता है और अम्लीय स्राव को कम करता है। पेंडनस (केतकी) अर्क: एंटी-ऑक्सीडेंट सक्रियता दिखाता है, जिससे शरीर के मुक्त कण कम होते हैं। लंबी मिर्च (पिपरिन): दवाओं के अवशोषण को बढ़ाता है, सूजन-रोधी प्रभाव रखता है। केला: पोटैशियम व फाइबर से भरपूर, पेट की रेखा को सुरक्षित रखता है और इलेक्ट्रोलाइट संतुलन बनाता है।

ये सभी चीज़ें मिलकर क्या करती हैं?

  • अतिपित ताप को शांत करना – छाती, पेट या पेशाब में जलन को कम करता है।
  • पाच्य मार्ग की सुरक्षा – पेट के अस्तर को नम रखकर एसिडिटी घटाता है।
  • मानसिक शान्ति – पित्त-प्रकार की चिड़चिड़ाहट व सिरदर्द को घटाता है।
  • मूत्र संबंधी आराम – हल्की पेशाब-पीड़ा में राहत देता है।

चिकित्सा समीक्षक

Syed Aman Hussain

Reviewed By

Syed Aman Hussain

BAMS, MD

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