अवलोकन और आधुनिक विज्ञान
गर्भावस्था में एनीमिया, जिसे हम **जेस्टेशनल एनीमिया** भी कहते हैं, तब होता है जब शरीर को बढ़ते बच्चे के लिए अधिक लोहे की ज़रूरत होती है, लेकिन वह इसे पर्याप्त मात्रा में नहीं ले पाता। इस स्थिति में शरीर में स्वस्थ लाल रक्त कोशिकाओं (RBC) की कमी हो जाती है, जिससे कई तरह की शारीरिक समस्याएँ उत्पन्न होती हैं।
आयुर्वेद में रक्त को **रक्त धातु** कहा जाता है, जो पोषक तत्वों को शरीर के हर हिस्से तक पहुँचाने का काम करता है। गर्भावस्था के दौरान **पित्त दोष** अक्सर असंतुलित हो जाता है, जिससे रक्त धातु की गुणवत्ता प्रभावित होती है। इसके अलावा, **अग्नि मंद्या** (कमज़ोर पाचन शक्ति) भी एक प्रमुख कारण है, जो शरीर को लोहे को ठीक से अवशोषित करने से रोकता है।