अवलोकन और आधुनिक विज्ञान
रुमेटिक फीवर एक गंभीर बीमारी है जो गले के संक्रमण (जैसे स्ट्रेप थ्रोट) के बाद होती है। यह बीमारी शरीर के इम्यून सिस्टम की गलत प्रतिक्रिया के कारण होती है, जिससे जोड़ों, दिल और त्वचा में सूजन आ जाती है। आमतौर पर बच्चों में यह बीमारी अधिक देखी जाती है, लेकिन यह किसी भी उम्र में हो सकती है।
इस बीमारी के प्रमुख लक्षणों में तेज बुखार, जोड़ों में दर्द और सूजन, त्वचा पर चकत्ते और थकान शामिल हैं। अगर समय पर इलाज न किया जाए, तो यह दिल को स्थायी नुकसान पहुंचा सकती है।
आयुर्वेद में रुमेटिक फीवर को रक्तज क्रिमी (रक्त में विषैले तत्व) के रूप में देखा जाता है, जो कफ, पित्त और वात दोषों के असंतुलन के कारण होता है। खराब पाचन और कमजोर इम्यूनिटी इस असंतुलन को और बढ़ा सकते हैं।