अवलोकन और आधुनिक विज्ञान
मसूर (Corns) त्वचा पर बनने वाले सख्त और मोटे दाग होते हैं, जो आमतौर पर पैरों या हाथों पर उभरते हैं। ये दाग तब बनते हैं जब त्वचा पर बार-बार दबाव पड़ता है या रगड़ होती है, जैसे टाइट जूते पहनने से या किसी उपकरण को बार-बार इस्तेमाल करने से। मसूर दबने पर तेज़ दर्द का कारण बन सकते हैं और रोज़मर्रा की गतिविधियों में बाधा डाल सकते हैं।
आयुर्वेद की नज़र में मसूर वात और कपह दोषों के असंतुलन के कारण होते हैं। जब ये दोष एक जगह इकट्ठा हो जाते हैं, तो त्वचा अपनी प्राकृतिक नमी और लचीलापन खो देती है और सख्त हो जाती है। बार-बार घर्षण, टाइट जूते पहनना, या त्वचा पर लगातार चोट लगना इस असंतुलन को बढ़ाता है। आयुर्वेद में मसूर को त्वचा की एक ऐसी स्थिति माना जाता है, जिसे सही उपचार और जीवनशैली में बदलाव से ठीक किया जा सकता है।