अवलोकन और आधुनिक विज्ञान
आँजना एक आयुर्वेदिक थेरेपी है जो आँखों की बीमारियों जैसे कंजंक्टिवाइटिस (आँख आना) या कॉर्नियल अल्सर (आँख के अल्सर) के बाद की रिकवरी फेज़ में इस्तेमाल की जाती है। इस समय आँखों में हल्की जलन, संवेदनशीलता या असुविधा महसूस हो सकती है। इसे आधुनिक चिकित्सा में ओकुलर रिकवरी फेज़ या पोस्ट-इंफ्लेमेटरी फेज़ कहा जाता है। आयुर्वेद के अनुसार, इस स्थिति में आँखें पित्त और कफ दोषों के असंतुलन से प्रभावित होती हैं, जिसमें एक नम (स्निग्ध) गुण होता है। इसका मुख्य कारण पहले की तीव्र बीमारी का अवशिष्ट प्रभाव होता है, जो आँखों को एक नाज़ुक स्थिति में छोड़ देता है और उन्हें आराम देने की ज़रूरत होती है।