यह खान-पान की योजना आपके शरीर में खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) के स्तर को कम करके आपके दिल को सुरक्षित रखने में मदद करती है। यह योजना अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन (AHA) के नवीनतम दिशा-निर्देशों का पालन करती है। इसके तहत केवल विशिष्ट पोषक तत्वों के बजाय सीधे तौर पर प्राकृतिक और साबुत खाद्य पदार्थों (Whole Foods) को खाने पर अधिक जोर दिया जाता है। आपको अपने भोजन में अधिक ताजी सब्जियां, फल और साबुत अनाज शामिल करने चाहिए।
उच्च कोलेस्ट्रॉल हमारे शरीर की रक्त वाहिनियों में कचरे या रुकावट की तरह काम करता है, जिससे रक्त का सुचारू प्रवाह कठिन हो जाता है। यह डाइट आपकी रक्त वाहिनियों को साफ और अवरोध मुक्त रखती है, जिससे दिल का दौरा (हार्ट अटैक) और स्ट्रोक जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा काफी कम हो जाता है। इसके अलावा, यह आहार योजना आपके शरीर के वजन को भी नियंत्रित रखने में मदद करती है।
आहार संबंधी महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश और तरीके
इस डाइट को सफलतापूर्वक अपनाने के लिए नीचे दिए गए बुनियादी नियमों का पालन करें:
- भोजन का समय: शरीर में लिपिड (वसा) के स्तर को स्थिर बनाए रखने के लिए दिन भर में थोड़ा-थोड़ा करके 4 से 5 बार भोजन लें।
- पर्याप्त पानी पिएं: शरीर के मेटाबॉलिज्म को दुरुस्त रखने के लिए रोजाना कम से कम 8 से 10 गिलास सादा पानी अवश्य पिएं।
- पोर्शन कंट्रोल: अपनी कैलोरी की मात्रा को नियंत्रित रखने के लिए बड़ी प्लेटों के बजाय छोटे बर्तनों या छोटी प्लेटों का इस्तेमाल करें।
- लेबल की जांच करें: बाजार से सामान खरीदते समय पैकेट पर 'हार्ट-चेक' (Heart-Check) के निशान को ध्यान से देखें।
- पकाने की विधि: भोजन को डीप फ्राई या तलने के बजाय हमेशा उबालें (स्टीम), बेक करें या ग्रिल करके पकाएं।
सुरक्षा और किन्हें इस डाइट से परहेज करना चाहिए
यद्यपि यह आहार अधिकांश लोगों के लिए बेहद फायदेमंद है, फिर भी कुछ विशेष परिस्थितियों में सावधानी बरतनी आवश्यक है:
- 5 वर्ष से कम उम्र के बच्चे: छोटे बच्चों के भोजन में वसा (फैट्स) की कटौती न करें, क्योंकि उनके मस्तिष्क और शारीरिक विकास के लिए स्वस्थ वसा बेहद जरूरी होती है।
- गुर्दे (किडनी) की बीमारी: यदि आप किडनी से संबंधित किसी समस्या से पीड़ित हैं, तो पौधे-आधारित प्रोटीन (दालें, बीन्स) की मात्रा बढ़ाने से पहले अपने डॉक्टर से जरूर परामर्श लें।
- गर्भावस्था और स्तनपान: गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उन्हें इस डाइट के साथ-साथ पर्याप्त मात्रा में कैलोरी और स्वस्थ वसा मिलती रहे।
- मधुमेह (डायबिटीज): यदि आपको हाई कोलेस्ट्रॉल के साथ मधुमेह भी है, तो बहुत अधिक फल खाने से बचें और अपने ब्लड शुगर के स्तर पर नियमित नजर रखें।
- प्रारंभिक दुष्प्रभाव: संतृप्त वसा (घी, मक्खन) का सेवन अचानक कम करने से शुरुआती दिनों में आपको सामान्य से अधिक भूख लग सकती है, जो समय के साथ ठीक हो जाती है।